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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण PDF: एक संक्षिप्त सारांश
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण भारतीय संस्कृति और साहित्य की अमूल्य धरोहर है। यह महाकाव्य न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसमें प्राचीन भारतीय राजनीति, समाजशास्त्र, और भूगोल का भी व्यापक विवरण मिलता है। वाल्मीकि द्वारा रचित यह महाकाव्य, श्रीराम के आदर्श चरित्र, उनके जीवन की घटनाओं, और उनके द्वारा निभाए गए विभिन्न भूमिकाओं का गहन वर्णन करता है।
रामायण के भूगोल पर अनुसंधान:
वाल्मीकि रामायण के भूगोल पर अनेक विद्वानों ने अनुसंधान किया है। ‘कल्याण’ का रामायणाङ्क, कनिंग्घम की ‘Ancient Dictionary’, और श्रीदे की ‘Geographical Dictionary’ में इस विषय पर गहन शोध हुआ है। कर्काइ लोगों ने भी इस पर स्वतंत्र लेख लिखे हैं। लंदन के ‘Asiatic Society Journal’ में भी एक महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित हुआ था। ‘वेद धरातल’ (पं. गिरीशचन्द्र) में भी रामायण के भूगोल पर अच्छी सामग्री उपलब्ध है।
केवल ‘लंका’ के संदर्भ में भी अनेक मत हैं। कुछ विद्वान ‘मालदीव’ को लंका मानते हैं, जबकि अन्य इसे ध्वस्त, मज्जित या दुर्जेय मानते हैं। वाल्मीकि के अनुसार, कौशाम्बी आज के प्रयाग से 14 मील दक्षिण-पश्चिम में स्थित कोसम गाँव है। धर्मारण्य, आज की गया है। महोदया नगर का स्थान कन्नौज है, जबकि गिरिव्रज बिहार का राजगीर है।
रामायण में राजनीति और मनोविज्ञान:
वाल्मीकि रामायण में राजनीति और मनोविज्ञान का बहुत उच्च स्तरीय वर्णन मिलता है। श्रीराम के वनवास के समय, विभीषण के आने पर श्रीराम ने सबकी सम्मति मांगी, जिसमें हनुमानजी ने अपनी अद्वितीय नीतिमत्ता का परिचय दिया। उन्होंने विभीषण के आने पर उसकी नीयत पर संदेह करने के बजाय, उसे श्रीराम के पक्ष में मानते हुए उसकी सहायता का समर्थन किया।
हनुमानजी की बुद्धिमत्ता और नीतिमत्ता का प्रमाण, उनके लंका प्रवेश, सीता से संवाद, और रावण को उपदेश देने में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इन्हीं कारणों से उन्हें ‘बुद्धिमतां वरिष्ठम्’ कहा गया है।
उपसंहार:
इन सभी गुणों के कारण वाल्मीकि रामायण सर्वाधिक लोकप्रिय, अमर, दिव्य और कल्याणकारी है। संतों के शब्दों में यह ‘रामायण श्रीरामतनु’ है, जिसका पठन, मनन और अनुष्ठान साक्षात् श्रीराम का सान्निध्य प्राप्त करना है। हनुमानजी की प्रसन्नता के लिए इस श्रीरामचरित के गान से बढ़कर कोई अन्य उपाय नहीं है। इसलिए, अनादिकाल से इसके श्रवण, पठन, और अनुष्ठान की परंपरा चली आ रही है।
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण न केवल एक धार्मिक ग्रंथ है, बल्कि यह एक ऐसा महाकाव्य है, जिसमें धर्म, समाज, राजनीति और मानव मनोविज्ञान का अद्वितीय समन्वय है। यह पुस्तक हर भारतीय के लिए एक अमूल्य धरोहर है और इसे पढ़ना एक अद्वितीय अनुभव है।
निष्कर्ष:
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण PDF के रूप में उपलब्ध है, जिससे आप इसे कहीं भी और कभी भी पढ़ सकते हैं। यह पुस्तक न केवल आपको श्रीराम के आदर्श जीवन से परिचित कराएगी, बल्कि आपको भारतीय संस्कृति और उसके गहन इतिहास से भी अवगत कराएगी।
वाल्मीकि रामायण संस्कृत हिन्दी गीता प्रेस पीडीऍफ़ ( Shrimad Valmiki Ramayan Geeta PDF Hindi Book) के बारे में अधिक जानकारी:-
Name of Book | वाल्मीकि रामायण संस्कृत हिन्दी गीता प्रेस | Shrimad Bhagwat Geeta PDF |
Name of Author | Geeta Press |
Language of Book | Hindi |
Total pages in Ebook) | 2621 |
Size of Book) | 46 MB |
Category | Religious |
Source/Credits | archive.org |
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