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ब्रह्मवैवर्त पुराण: एक संक्षिप्त परिचय
पुराण भारतीय संस्कृति की सर्वोत्तम निधि हैं, जो प्राचीन काल से ही बड़े आदर के साथ पढ़ी, सुनी, और मनन की जाती रही हैं। पुराणों ने भारतीय जनमानस में भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, सदाचार और धर्मपरायणता को दृढ़ता से प्रतिष्ठित किया है। वेदों के गूढ़ तत्त्वों और रहस्यों को सरल और रोचक आख्यान-शैली में प्रस्तुत करना पुराणों की विशेषता है, जिससे ये अत्यधिक लोकप्रिय हो गए हैं।
गीताप्रेस ने इसी महत्त्व और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए ‘कल्याण’ के विशेष अंकों के रूप में समय-समय पर अनेक पुराणों के सरल और सरस हिंदी अनुवाद प्रकाशित किए हैं। इनका उद्देश्य जनसाधारण तक इन महान ग्रंथों की पहुँच सुनिश्चित करना है। ‘संक्षिप्त ब्रह्मवैवर्त पुराण’ पहली बार ‘कल्याण’ के वर्ष 37 (1963) के विशेषांक के रूप में प्रकाशित हुआ था। इसके पहले संस्करण की बड़ी सफलता के बाद इसके पुनर्मुद्रण की निरंतर माँग बनी रही।
ब्रह्मवैवर्त पुराण के चार खंड:
- ब्रह्मखण्ड: इसमें परमात्मा श्रीकृष्ण के तत्त्व का निरूपण किया गया है।
- प्रकृतिखण्ड: इसमें आद्याशक्ति श्रीराधा और उनसे उत्पन्न देवियों के शुभ चरित्रों की चर्चा है।
- गणपतिखण्ड: इसमें श्रीगणेश के जन्म और चरित्र से संबंधित कथाएँ हैं।
- श्रीकृष्णजन्मखण्ड: इसमें श्रीकृष्ण के अवतार और उनकी मनोरम लीलाओं का वर्णन है।
मुख्य प्रतिपाद्य देवता: ब्रह्मवैवर्त पुराण मुख्यतः वैष्णव पुराण है, जिसमें भगवान विष्णु-परमात्मा श्रीकृष्ण की प्रधानता है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण और उनकी अभिन्न स्वरूपा श्रीराधा की लीलाओं का विशद वर्णन है। इसके अतिरिक्त इसमें ईश्वरकोटि के देवताओं की महिमा और उनकी साधना-उपासना का भी सुन्दर प्रतिपादन किया गया है।
कथाओं की रोचकता: इस पुराण की सभी कथाएँ अतीव रोचक, मधुर, ज्ञानप्रद और कल्याणकारी हैं। इसका अध्ययन साधना के लिए उपयोगी और सदैव कल्याणप्रद है। जिज्ञासुओं, साधकों और कल्याणकामी महानुभावों को इसके अध्ययन और अनुशीलन से विशेष लाभ उठाना चाहिए।
ब्रह्मवैवर्त पुराण का अध्ययन: ब्रह्मवैवर्त पुराण का अध्ययन और पठन-पाठन से आत्मिक शांति और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होता है। यह पुराण अपने पवित्रता और ज्ञान के कारण सभी सम्प्रदायों में समान रूप से मान्यता प्राप्त है।
यदि आप ब्रह्मवैवर्त पुराण का पीडीएफ (BrahmVaivatra Puran PDF) प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप इसे विभिन्न ऑनलाइन स्रोतों से डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अध्ययन से आपको न केवल पुराणों का गहन ज्ञान मिलेगा, बल्कि यह आपके आत्मिक और मानसिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगा।
निष्कर्ष: ब्रह्मवैवर्त पुराण भारतीय संस्कृति और धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो भगवान श्रीकृष्ण और उनकी लीलाओं पर आधारित है। इसका अध्ययन और अनुशीलन हर व्यक्ति के लिए अत्यंत लाभकारी है। गीताप्रेस द्वारा प्रकाशित इस पुराण का सरल हिंदी अनुवाद जनहित में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस महान ग्रंथ का लाभ उठा सकें।
ब्रह्मवैवर्त पुराण हिंदी पीडीऍफ़ ( BrahmVaivatra Puran PDF Hindi Book) के बारे में अधिक जानकारी:-
Name of Book | ब्रह्मवैवर्त पुराण हिंदी पुस्तक PDF | BrahmVaivatra Puran PDF Hindi Book |
Name of Author | Geeta Press |
Language of Book | Hindi |
Total pages in Ebook) | 810 |
Size of Book) | 75 MB |
Category | Religious |
Source/Credits | archive.org |
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